Friday, December 30, 2016

बिछुआ की आरजू भादे को मिला गोल्ड मेडल

दक्षिण कोरिया में कराते में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

इंदौर में आयोजित 62वें राष्ट्रीय शालेय खेलों में बिछुआ निवासी जगदीश भादे की पुत्री आरजू भादे ने कराते में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इन खेलों का आयोजन 25 से 29 दिसंबर किया गया था। गोल्ड मेडल हासिल करने वाली आरजू दक्षिण कोरिया में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। आरजू के पिता सहित माता ज्योति भादे, ट्रेनर नितेश चौरिया, विकासखंड कराते प्रमुख एसआर दुपारे ने बधाई दी है।

Tuesday, December 13, 2016

डोंगरे की डिजिटल डायरी : एक अकाउंट में मत रखिए सारा पैसा

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#डोंगरे_की_डिजिटल_डायरी

एक अकाउंट में मत रखिए सारा बैंक...

कम से कम दो या ज्यादा से ज्यादा 5 अकाउंट में बांट दीजिए

अगर आप नेटबैंकिग का इस्तेमाल करते हैं और सारा पैसा आपने एक ही अकाउट में रखा है, तो ये खतरनाक हो सकता है। दरअसल, पेमेंट गेटवे सिस्टम में खामी की वजह से बिना OTP के भी आपका पैसा निकल सकता है। एक साल में करीब एक करोड़ रुपए का इसी तरह से फ्राड हुआ। इसलिए इसके लिए सबसे सुरक्षित तरीका है कि अपने पैसे को किसी एक अकाउंट में मत रखिए। उसको कई पार्ट में करके अलग-अलग खातों में रखें। हालांकि, बैंकों से पेमेंट गेटवे सिस्टम में कमी को दूर करने के लिए कहा गया है।


Sunday, December 4, 2016

डोंगरे की डिजिटल डायरी : क्या है पेमेंट बैंक



पेमेंट बैंक साधारण बैंक से अलग हैं और इनके कार्य करने का तरीका भी अलग होगा। पेमेंट बैंक के कार्यों और उद्देश्य, जो आरबीआई द्वारा निर्धारित किए गए हैं।

1. साधारण बैंक की तरह पेमेंट बैंक भी पैसे जमा ले सकते हैं लेकिन इनकी सीमा निर्धारित है। पेमेंट बैंक एक ग्राहक से अधिकतम 1,00,000 रुपए तक का ही जमा ले सकते हैं।

2. पेमेंट बैंक अपने ग्राहकों के सेविंग और करेंट दोनों प्रकार की खाते की सुविधा दे सकते हैंं।

3. आरबीआई के नियमों के मुताबिक पेमेंट बैंक एटीएम और डेबिट कार्ड सेवा दे सकेंगे लेकिन क्रेडिट कार्ड जारी करने का अधिकार इन्हें नहीं होगा।

4. पेमेंट बैंक एनआरआई से डिपोजिट नहीं ले सकते। अर्थात भारतीय मूल के जो लोग विदेशों में बस गए हैं उनके पैसे का जमा नहीं ले सकते।

5. ये पमेंट बैंक एटीएम, बिजनेस कोरोसपोंडेंट्स और मोबाइल बैंकिंग की मदद से पेमेंट और प्रेषण सेवा दे सकते हैं। वहीं इनके सेल्स टर्मिनल्स से नकद प्राप्ति की सेवा भी दी जाएगी। अर्थात कोई व्यक्ति किसी दूसरे शहर से अपने दोस्त या परिवार को पैसे भेजता है तो दोस्त या रिश्तेदार नजदीकी पेमेंट बैंक के सेल्स अकाउंट से नकद राशी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए अकाउंट की आवश्यकता नहीं होगी।

6. पेमेंट बैंक ऋण, कर्ज या उधार सेवा नहीं दे सकते।

7. पेमेंट बैंक दूसरे बैंक के साथ सहयोगी की तरह कार्य कर सकते हैं और म्युचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स का डिस्ट्रीब्यूशन भी कर सकेंगे।

8. हालांकि पेमेंट बैंक दूसरे बैंकों के लिए आरटीजीएस/एनईएफटी/आईएमपीएस के माध्यम से लोन का लेन—देन कर सकते हैं।

उद्देश्य
पेमेंट बैंक का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक बैंकिंग सेवा मुहैया कराना है जो अब तक बैंकिंग सेवा से महरूम है। इसके साथ ही छोटे—मोटे व्यवसायिओं को कम दर पर ऋण मुहैया कराना और स्मॉल सेविंग को बढ़ावा देना है। एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले श्रमिकों और समाज के वंचित तबकों से पूंजी जमा कराने तथा पैसे भेजने जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी पेमेंट बैंक का मुख्य उद्देश्य होगा।

पेमेंट बैंक खोलने वाली कंपनियां :

1 एयरटेल एम. कामर्स सर्विस लिमिटेड
2. वोडाफोन एम पैसा
3. रिलायंस इंडस्ट्रीज- जियो पेमेंट बैंक
4. डिपार्टमेंट अॉफ पोस्ट
5. आदि‍त्‍य बि‍रला नूवो लि‍मि‍टेड
6. फि‍न पेटेक लि‍मि‍टेड
7. नेशनल सि‍क्‍योरि‍टीज डि‍पॉजि‍टरी लि‍मिटेड
8. वि‍जय शेखर शर्मा (पेटीएम)- पेटीएम पेमेंट बैंक


सोर्स : https://bgr.in/hi/news/what-is-payments-bank-and-how-it-will-work-in-hindi/amp/


डोंगरे की डिजिटल डायरी : मिस कॉल देकर जानिए अपना बैंक बैलेंस

हममें से ज्यादातर लोग जो ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) नहीं करते। वे अपना बैंक अकाउंट बैलेंस (Bank Balance) जानने के लिए एटीएम (ATM) जाते है और वहां पर काफी देर लाइन में खड़े होने के बाद वह अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर पाते है | कुछ लोग तो एटीएम (ATM) का प्रयोग भी नहीं करते और बैंक में जाकर काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद पासबुक में एंट्री करवाकर अपना बैलेंस जान पाते है| मगर इस परेशानी को अब सभी बैंकों की ओर से जारी मिस कॉल बैलेंस इंक्वायरी नंबर ने काफी हद तक दूर कर दिया है।

Missed Call Balance Enquiry Numbers of Public Sector Banks in India

State Bank of India
09223766666
State Bank of Patiala
To register you mobile number, Send REGSBPAccount Number to 09223488888

    Balance enquiry: 09223766666
    Mini statement: 09223866666

State Bank of Mysore
To register you mobile number, Send REGSBMAccount Number to 09223488888
    Balance enquiry: 09223766666
    Mini statement: 09223866666

State Bank of Travancore
To register you mobile number, Send REGSBTAccount Number to 09223488888

    Balance enquiry: 09223766666
    Mini statement: 09223866666

State Bank of Bikaner and Jaipur
To register you mobile number, Send REGSBBJAccount Number to 09223488888
    Balance enquiry: 09223766666
    Mini statement: 09223866666

State Bank of Hyderabad
To register you mobile number, Send REGSBHAccount Number to 09223488888
    Balance enquiry: 09223766666
    Mini statement: 09223866666

Allahabad Bank
09224150150
Visit the branch for registration.

Andhra Bank
09223011300

Bank of Baroda
09223011311

Bank of India
09015135135

Canara Bank
09015483483

Central Bank of India
    Account Balance: 09555244442
    Mini statement: 09555144441

Corporation Bank
09268892688

Dena Bank
    Account Balance: 09289356677
    Mini statement: 09278656677

Indian Bank
*99*58*1#/ 09289592895

Visit branch for registration

Indian Overseas Bank
For registration, SMS ACT Account no. to +91 9551099007
After registration, give missed call to 0444 222 0004

Oriental Bank of Commerce
    Balance Detail – “ACBALAccount number” Send to – 09915622622
    Mini Statement – “STMAccount number” Send to – 09915622622

Punjab & Sind Bank
1800 221 908 (Toll free)

Punjab National Bank
18001802222 / 18001032222

Syndicate Bank
09241442255 or 08067006979

To register for Missed call banking Type “SREG ” send it to 09241442255 from your registered mobile number. If your number is not registered, contact your home branch.

UCO Bank
    Balance Enquiry- 09278792787
    Mini statement- 09213125125

United Bank of India
09015431345

Union Bank of India
09223008586

Vijaya Bank
18002665555

IDBI Bank
    Balance Enquiry: 18008431122
    Mini Statement: 18008431133

Missed Call Balance Enquiry Numbers of Private Sector Banks in India


Citi bank
09880752484
or SMS BALLast 4 digits of your debit card number” to “52484 or 09880752484

Axis Bank
09225892258

Catholic Syrian Bank
    Balance Enquiry: 098959 23000
    Mini Statement: 09895923000

City Union Bank
9278177444

Dhanlaxmi Bank
918067747700

DCB Bank
    Balance enquiry: 7506660011
    Mini Statement:  7506660022

HDFC Bank
    Balance enquiry: 18002703333
    Mini Statement: 18002703355

ICICI Bank
02230256767

Or SMS IBALLast 6 digits of your account number  to 9215676766

Karnataka Bank
    Balance enquiry: 18004251445
    Mini Statement: 18004251446

Kotak Mahindra Bank
18002740110

Karur Vysya Bank
    Balance enquiry: 09266292666
    Mini Statement: 09266292665

Saturday, December 3, 2016

पवार समाज के गौरव

#sb_456 (A)

     *_मध्य भारतिय पवार समाज के गौरव_*
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● *_पद्मभुषन डॉ. हेमेंद्रसिंहजी पंवार_-* Padmabhushan Dr. Hemendra Sigh Pawar, 1st Conservator of Forest and international wild life consultant to govt. of Shreelanka.

● *_डॉ. किरन बिसेन -_* 1st Lady IFS Officer of Pawar Community.

● *_श्रिमती. निलम बुवाडे -_* Neelamji is selected after successful complition of 2 terms at VIA (vidarbha industriel association) as Hon Secretary and she is star performer of New York Life Insurance.

● *_कॅप्टन के. के. बिसेन -_* Achieved highest post from Sep. to Hon. Captain

● *_रविंद्रजी राहांगडाले -_* managing director at Pennsylvania Transformer Technology, Inc. north Carolina USA

● *_गौरिशंकरजी बिसेन -_* Hon Cabinet Minister Govt Of Madhaya Pradesh.

● *_डॉ. धनपालजी टेंभरे -_* 1st Ph D in Mathematics and Executive Council Member, Nagpur University.

● *_डॉ. ज्ञानेश्वरजी टेंभरे -_* International Scientist in Zoology & Ex Dean Faculty of Science, Nagpur University. Ex. President, Rashtriya Pawar Chatriya Mahasabha

● *_डॉ. गौरिशंकर टेंभरे -_* Principal & Secretary and Known Scientist of Chemistry.

● *_इंजी. टिकेश्वरदयाल बिसेन -_* Chief Engineer, Chattisgarh Dept. of Health & Publ. Ex.President, Rashtriya Pawar Chatriya Mahasabha.

● *_श्रिमती. डॉ. रागिनी सि. पारधी -_* M. D. Mitali Nursing & Critical Care Hospital balaghat. 1st Critical Care Unit & Hospital Owner.

● *_डॉ. बि. एम. शरनागत -_* Ayushyaman Hospital & ICCU Unit. President Rashtriya pawar kshtriya Mahasabha.

● *_डॉ. शुरेसजी कटरे -_* Secretary & Director, Ayurvedic College.

● *_विशाल राहांगडालेजी -*_Chief Information Officer. (kajakisthan& maleshiya)

● *_रवी रानाजी -_* President, Yuva Swabhiman & M L A Maharashtra, at the age of 28th. He is CEO of Rana Group.

● *_कन्हैयालालजी बुवाडे -_* Active Senior Citizen & President Rashtriya rajabhoj smarak samiti

● *_प्रोफेसर एच. एच. पारधी -_* 1st daily marathi news paper of a successful media parson. (Owner of Daily News Paper Lokjan)

● *_जयपालसिंहजी पटले -_* Senior Powari Writer/Free Marriage Bureau & Ex- Mahasachiv Rashtriya Chatriya Pawar Mahasabha, Founder of Pawari Boli Bachao Abhiyan, Publisher of Pawar Gatha, Pawari Gram Geeta.

● *_अनिलजी डोंगरदिये -_* Founder Director for Infobits Software Solution.

● *_परिष देशमुखजी -_* Selected Officer in Indian Administrative Services, Proud 279th rank All India & 14t in Maharashtra Selection 2010

● *_सौरभजी पारधी-_* Seclected in Indian Administrative Services, Proud 133rd All India & 3rd in Maharashtra selection 2010

● *_अर्पितजी हरिनखेडे -_* Manager (Expansion) IMS- Mumbai, CAT 2007- 99.71%. Got all IIM calls (Ahmedabad, Calcutta, Lukhnow, Indore, Kozhikote, Bangalore) by securing 99.71 percentile in CAT 2007. Did MBA from MDI Gurgaon (Among Top 5 in India) in Marketing and Information Management. Currently working as Manager (Expansion) in

● *_श्री ढोलेजी -_* Scientist-B (Class-I,Gazetted Officer) in DRDO, Shri Dhole did diploma in Chem.Engg from Govt Poly.Arvi and graduated in 2006 from UDCT, Amravati University, Amravati with a B.Tech (Chem.Tech) .He subsequently completed master degree from L.I.T., Nagpur University, Nagpur in 2008 with a M.Tech.
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                   ✍ *_सोनू भगत_* ✍
       *_अखिल भारतिय पवार गर्जना ABPG_*
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Friday, December 2, 2016

दैनिक भास्कर रायपुर में प्रकाशित खबरें : नोटबंदी पर विभूति की कविताएं


लाखों तक पहुंची विभूति की कविता, देश बदल रहा है, आप कब बदलोगे...

नोटबंदी के पक्ष में सोशल मीडिया पर कई कविताएं काफी वायरल हो रही हैं। इनमें से कुछ कविताएं हमारे शहर की मूल निवासी युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा की भी हैं।
उनकी ज्यादातर कविताएं अभी वीडियो के रूप में ही मौजूद हैं। देशभर में सबसे ज्यादा शेयर हो रही उनकी कविता, बदलाव भी चाहते हैं और बदलना भी नहीं चाहते... को अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। उनके यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज से लोग वीडियो डाउनलोड करके शेयर कर रहे हैं। केंद्र सरकार के विमुद्रीकरण के फैसले को लेकर लोगों में उम्मीद जगाने वाली इन कविताओं ने लोगों के दिलों को छू लिया हैउनकी कुछ कविताओं की बानगी देखिए- जुगाड़ लगाना है तो सही जगह लगाओ, क्या-क्या बंद करोगे, लोगों की आवाज कैसे बंद करोगे, नहीं मैं नेता नहीं बनना चाहती, देश बदल रहा है, आप कब बदलोगे....।

दैनिक भास्कर रायपुर में प्रकाशित खबरें : राजीव सिंह

20 जून 2016 को प्रकाशित खबरें
वर्दी पहनने का सपना टूटा मगर अब खुद ही अफसरों को दे रहे हैं ट्रेनिंग
  • बिहार के राजीव सिंह आईपीएस, डिप्टी कलेक्टर्स व डीएसपी को दे रहे प्रशिक्षण
वे बचपन से खाकी वार्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करने का सपना देखते थे, जब उनका सपना पूरा नहीं हुआ तो खुद अफसरों को ट्रेनिंग देने लगे। एक अच्छी जिद की ये कहानी है 32 वर्षीय युवा राजीव सिंह की। विजिटिंग प्रोफेसर, स्वतंत्र पत्रकार और पुलिस-पब्लिक-मीडिया संबंध विशेषज्ञ राजीव छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी में आईपीएस और डीएसपी को व्यवहार, पर्सनाल्टी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग दे चुके हैं। इसके अलावा वे मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में भी प्रशिक्षण दे चुके हैं। वे बताते हैं कि बारह से ज्यादा इंटरव्यू में फेल होने से निराश हो चुके माता-पिता अब उनके कामों को देखकर धीरे धीरे खुश होने लगे है। पढ़िए उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी… 

Sunday, November 27, 2016

युवा कवयित्री विभूति की नोटबंदी पर कविताएं- 2

कालेधन को सफेद बनाने के जुगाड़ पर लिखी ये कविता...

जुगाड़ ही लगाना है तो सही जगह लगाओ

जुगाड़ ही लगाना है तो सही जगह लगाओ
आम आदमी की तकलीफ देखी नहीं जा रही
तो उठो मदद के लिए हाथ आगे बढाओ
युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा

ये डर है जो दिख रहा है
गुस्सा दिखा के अंदर कोने में छुप रहा है
आप जानते है जो लाइन अभी शुरू हुई है वो ख़तम नहीं होगी
आप अच्छी तरह जानते हैं ये लाइन यहां खत्म नहीं होगी



अब जो बदलाव की हवा चली है वो
अपना रुख नहीं बदलेगी
कौन सा डर है जो छुपा रहे हो
अराजकता कह कर अंदर
कौन सी चिंता है जो दबा रहे हो
नेता डर रहा है धन कैसे बनाएगा
इलेक्शन में भीड़ कैसे जुटाएगा
बाबू डर रहा है ऊपर की इनकम कैसे कमाएगा
बिज़नेसमैन डर रहा है टैक्स कैसे बचाएगा
आतंकवादी डर रहा है
दहशत कैसे फैलाएगा

ये क्या कम है कि वादी में आज शांति है
पत्थर फेंकने वालों के मन में अशांति है

हम एनआरआई लोग जब दूसरे देशों में रहने जाते हैं
लाइनों में खड़े होकर ही कह जाते हैं
अपने देश में होते तो जुगाड़ लगा लेते
ले देके काम निकलवा लेते

अब डर है घर जाके भी लाइन में खड़े होना होगा
सालों की आदत को अब बदलना होगा
जुगाड़ ही लगाना है ना
तो सही जगह लगओ
आम आदमी की तकलीफ देखी नहीं जा रही
तो मदद के लिए हाथ आगे बढाओ

कुछ करना है तो हल बताओ,
दुखती रग को और मत दबाओ

फिर वही हाल है
ब्लैम गेम का सारा धमाल है
नेता चिल्ला रहा है रोलबैक- रोलबैक
आम आदमी तिलमिला रहा है-नीड कैश, नीड कैश

काश एक स्कीम होती
50 दिन बार्टर एक्सचेंज की थीम होती
बर्तन के बदले सब्ज़ी
सब्ज़ी के बदले चावल
फिर कहां है कैश का सवाल
सोचो ऐसे कितने आइडियाज होंगे
50 दिन यूं ही कैश के बिना निकल जाएंगे

जुगाड़ ही लगाना है ना तो सोलूशन्स बताओ
आम आदमी की तकलीफ देखी नहीं जा रही
तो उठो मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाओ

जिसके पास ग्रॉसरी है
कुछ दिन सस्ती बेच दो
उधार के नए अकाउंट खोल दो
जो पैसे नहीं दे पा रहा
उसे 50 दिन का टाइम दे दो
धार्मिक स्थलों में ढेरों चिल्लर है
छोटे-छोटे नोट पेटियों में बंद हैं
चाहो तो उन्हें गरीबों में बंटवा दो
छोटे दुकानदारों को दिलवा दो
कुछ करना है तो सोलूशन्स बताओ

जुगाड़ लगाना है तो सही जगह लगाओ

सुना है बंगलूरू में कोई फ्री पिज़्ज़ा बांट रहा है
पंजाब में लाइन पे खड़े लोगों को चाय पिला रहा है
बॉम्बे में चना बांट रहा है
ऐसी बातें न्यूज़ चैनल वाले कभी तो दिखाओ
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं
दिखाना है तो दोनों तरफ दिखाओ
अपना उल्लू सीधा करने के लिए न्यूज़ चैनल मत चलाओ

जुगाड़ ही लगाना है ना तो सही जगह लगाऒ
आम आदमी की तकलीफ देखी नहीं जा रही
तो मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाओ

विभूति दुग्गड़ मुथा
https://www.facebook.com/poetrywithpurposebyvibhuti/

युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा की नोटबंदी पर कविताएं : 1

युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा
बदलाव भी चाहते हैं और बदलना भी नहीं चाहते
ये कैसी चाहत है,

सालों के बाद एक नेता आया
जो बोला, वो कर दिखाया
125 करोड़ लोग हैं 125 नहीं

हां, तो मैं क्या कह रही थी
सालों बाद एक नेता आया जो बोला वो कर दिखाया
देश तो ठीक ही था 60 साल पहले भी
लोग बदल जाते तो बात होती
खुद को सम्मान दो तो सम्मान मिलेगा
गलत को सही बता के कब तक खोटा सिक्का चलेगा

चलता है थोड़ा बहुत ऊपर नीचे
चला लेंगे कुछ ले देके
आदत सी पड़ गई थी काले धन की
ऊपर की इनकम की
झटका मिला देश हिला
पर अब भी सब परेशां हैं
सफाई की कीमत दे के
सब हैरां हैं

न चाहते हुए भी धन जला रहे हैं लोग
नोटों की गड्डियां गंगा में बहा रहे हैं लोग

बदलाव भी चाहते हैं
और बदलना भी नहीं चाहते, ये कैसी चाहत है

मन नहीं, मानसिकता बदलनी होगी

बदलाव की कीमत हमें भी कुछ तो चुकानी होगी

(भारतीय मूल की दुबई निवासी युवा कवयित्री की कविता के संपादित अंश) 

विभूति का सवाल : देश बदल रहा है, आप कब बदलोगे...

युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा
  • दुबई में रह रहीं रायपुर की युवा कवयित्री विभूति मुथा की कविताओं ने लोगों के दिलों को छुआ
  • लोगों ने कविताओं के वीडियो को वाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब पर खूब शेयर किया
रामकृष्ण डोंगरे

रायपुर। नोटबंदी के पक्ष में सोशल मीडिया पर कई कविताएं काफी वायरल हो रही हैं। इनमें से कुछ कविताएं हमारे शहर की मूल निवासी युवा कवयित्री विभूति दुग्गड़ मुथा की भी हैं। उनकी ज्यादातर कविताएं अभी वीडियो के रूप में ही मौजूद हैं। देशभर में सबसे ज्यादा शेयर हो रही उनकी कविता, बदलाव भी चाहते हैं और बदलना भी नहीं चाहते...को अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। उनके यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज से लोग वीडियो डाउनलोड करके शेयर कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के विमुद्रीकरण के फैसले को लेकर लोगों में उम्मीद जगाने वाली इन कविताओं ने लोगों के दिलों को छू लिया है। उनकी कुछ कविताओं की बानगी देखिए- जुगाड़ लगाना है तो सही जगह लगाओ, क्या-क्या बंद करोगे, लोगों की आवाज कैसे बंद करोगे, नहीं मैं नेता नहीं बनना चाहती, देश बदल रहा है, आप कब बदलोगे....

छत्त्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कलेक्टोरेट के पीछे स्थित रविनगर निवासी समाजसेवी विजय दुग्गड़ और साधना दुग्गड़ की बेटी विभूति इन दिनों दुबई में रहती हैं। मोटिवेशनल ट्रेनर विभूति बताती हैं कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने जब इस फैसले का ऐलान किया तो देशभर में काफी चर्चाएं होने लगीं। इनमें दोनों तरफ से लोगों की प्रतिक्रिया आ रही थी। मुझे लगा कि पहली बार हमारे देश में किसी नेता ने इस दिशा में गंभीरतापूर्वक सोचा है। तब मैंने 12 नवंबर को इस पर पहली कविता लिखी- बदलाव भी चाहते हो और बदलना भी नहीं चाहते... इस कविता को हजारों लोगों ने पसंद किया। मेरे फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर लोगों के काफी अच्छे कमेंट्स आए। इसके बाद मैंने कई कविताएं लिखीं।

बुजुर्ग सीए ने फोन करके आशीर्वाद दिया
विभूति ने बताया कि उनसे देश के कई शहरों से लोग संपर्क कर रहे हैं। अहमदाबाद के एक बुजुर्ग सीए ने उन्हें फोन करके कहा कि बिटिया आपकी कविता ने मुझे झकझोर दिया है। आप लोगों को प्रेरित कर रही हैं। मेरी शुभकामनाएं और आशीर्वाद आपके साथ है। वे कहती हैं कि अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलूरू, जयपुर, रायपुर, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई,वडोदरा से लोग वाट्सएप के स्क्रीनशॉट टैग कर रहे हैं। फेसबुक मैसेंजर पर भेज रहे हैं।

बेटी ने देश के लिए लिखा, बहुत खुश हूं
विभूति के पिता विजय दुग्गड़ कहते हैं, बेटी ने दुबई में रहकर भी देश के माहौल को लेकर सोचा और अच्छी कविताएं लिखीं, मैं बहुत खुश हूं। हमें गर्व है। मैंने विभूति का वीडिया अपने मित्रों को भी भेजा है, सभी उसे पसंद कर रहे हैं।

2004 से लिख रहीं कविताएं
मोटिवेशनल कविताओं के सफर के बारे में विभूति ने बताया कि उन्होंने 2004 से कविताएं लिखना शुरू किया। इसकी प्रेरणा उन्हें अपने कॉलेज में एक सहपाठी से मिली। उनके यूट्यूब चैनल को 2 हजार 62 लोगों ने सब्सक्राइब किया है। बदलाव वाली कविता को डेढ़ लाख से ज्यादा पेज व्यू मिले हैं। वहीं, जुगाड़ वाली कविता को अब 50 हजार लोगों ने पसंद किया है।
  1. यूट्यूब चैनल को 2062 लोगों ने सब्सक्राइब किया है।
  2. बदलाव वाली कविता को डेढ़ लाख से ज्यादा पेज व्यू मिले है।
  3. जुगाड़ वाली कविता को अब 50 हजार लोगों ने पसंद किया है।
  4. सभी कविताओं को अब तक चार लाख से ज्यादा लाइक-कमेंट्स।
विभूति का फेसबुक पेज
https://www.facebook.com/poetrywithpurposebyvibhuti/

दैनिक भास्कर रायपुर में रामकृष्ण डोंगरे की रिपोर्ट, 27 नवंबर, 2016

Monday, October 24, 2016

किस्सा तीन तलाक का- 1

तीन तलाक के ताजा मामले को समझने के लिए तहलका की यह रिपोर्ट आपके लिए काफी है। अगर तीन तलाक....जैसी कुप्रथा को और समझना है तो आप कुरान में उसका सही रूप पढ़ लीजिए। लेकिन होता कुछ और ही है। 

हिंदू धर्म में विधवाओं की संख्या प्रति 1000 88.3, मुसलमानों में 72 है। जबकि अलग रहने वाले महिलाओं की संख्या हिंदुओं में प्रति 1000 पर 5.5 तो मुसलमानों में 4.8 है। वहीं तलाक के आंकड़ों पर नजर डालें तो हिंदुओं में प्रति 1000 यह 1.8 तो मुसलमानों में यह 3.4 है। 

धर्म पहले नहीं है। इंसान या इंसानियत पहले हैं। इंसान पहले आया। धर्म बाद में। धर्म ने इंसान को नहीं बनाया। इंसानों की शुरुआती बिरादरी ने ही अपने लिए अलग-अलग धर्म बनाए। कुप्रथाएं किसी भी धर्म या सम्प्रदाय में हो। खत्म होनी चाहिए। भारत में अगर सती प्रथा, बाल विवाह जैसी बुराइयों को खत्म किया गया है। तो मुस्लिम धर्म की तीन तलाक जैसी प्रथा-कुप्रथा को भी खत्म किया जाना चाहिए।

अगर मेरे परिवार में, मेरे परिचितों में महिलाओं के साथ, बच्चों के साथ कोई अन्याय-मारपीट नहीं हो रही है। तो मैं दावे के साथ ऐसा कैसे कह सकता हूं कि दुनिया की सारी महिलाओं के साथ कोई जुल्म नहीं हो रहा है। इसलिए पढ़े-लिखे मुस्लिम तबके को यह सोचना छोड़ देना चाहिए कि तीन तलाक सही है। क्योंकि उनकी जानकारी या उनके परिचितों में किसी के साथ कोई गलत नहीं हुआ है। तीन तलाक पर बैन लगने से उनका धर्म खतरे में नहीं पड़ जाएगा।

देशभर में देखिए... अपनी आंखें खोलिए...किस-किस तरह से... कितनी मुस्लिम औरतों को तीन तलाक का अभिशाप झेलना पड़ रहा है।

देश में अगर कोई कानून है तो सब कुछ कानून के मुताबिक ही होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट या सरकार अगर कोई कदम उठाएगी तो किसी की सुनी- सुनाई बातों के आधार पर नहीं। उनके सामने तमाम उदाहरण है....रोती...बिलखती औरतों की जिंदा कहानियां है जो उन मुर्दा सोच वाले लोगों की वजह से ऐसी जिंदगी जी रही है। चाहे फिर वह औरत शायरा बानो, फातिमा, नायरा या कुछ भी....

आप भी पढ़िए इस रिपोर्ट को फिर अपनी राय रखिए... स्वागत है। बिना पढ़े या गुस्से में कोई टिप्प्णी न ही कीजिए तो बेहतर रहेगा....

#teentalaq

कुछ तथ्य

नवंबर, 2015 में भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (बीएमएमए) नाम की संस्था ने एक सर्वे जारी किया. सर्वे में देश के दस राज्यों की तलाकशुदा करीब पांच हजार औरतों से बात की गई. सर्वे में तलाक के तरीके, उनके साथ हुई शारीरिक-मानसिक हिंसा, मेहर की रकम, निकाहनामा, बहुविवाह जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात हुई. जो नतीजे आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे. रिपोर्ट में कहा गया कि 92.1 प्रतिशत महिलाओं ने जुबानी या एकतरफा तलाक को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की. वहीं 91.7 फीसदी महिलाएं बहुविवाह के खिलाफ हैं. 83.3 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए मुस्लिम फैमिली लॉ में सुधार करने की जरूरत है.
 तीन तलाक को लेकर शायरा बानो के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद देश में भी तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने की आवाज तेज होने लगी है. इसके खिलाफ एक ऑनलाइन याचिका पर करीब 50,000 मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर किए हैं. हस्ताक्षर करने वाले लोगों में बड़ी संख्या में मुस्लिम पुरुष भी शामिल थे. याचिकाकर्ता बीएमएमए चाहता है कि राष्ट्रीय महिला आयोग इसमें हस्तक्षेप करे. बीएमएमए ने महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम को लिखे पत्र में कहा कि उसने अपने अभियान के पक्ष में 50,000 से अधिक हस्ताक्षर लिए हैं. हमने यह पाया है कि महिलाएं जुबानी-एकतरफा तलाक की व्यवस्था पर पाबंदी चाहती हैं.

‘सीकिंग जस्टिस विदिन फैमिली’ नामक हमारे अध्ययन में पाया गया कि 92 फीसदी मुस्लिम महिलाएं तलाक की इस व्यवस्था पर पाबंदी चाहती हैं. इस मामले में ललिता कुमारमंगलम का कहना है कि आयोग सुप्रीम कोर्ट में शायरा बानो के मुकदमे का समर्थन करेगा. उनका कहना है, ‘राष्ट्रीय महिला आयोग पहले से ही इस मुकदमे का हिस्सा है. हम इस महीने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेंगे. इस मांग का 200 फीसदी समर्थन करते हैं. जो भी बन पड़ेगा, हम करेंगे.’
http://tehelkahindi.com/an-elaborated-report-on-triple-talaq-and-how-muslim-women-are-standing-against-it/

Sunday, July 24, 2016

सुदीप को रायपुर में भी नम आंखों से दी श्रद्धांजलि


  • पत्रकारों को इलाज की सुविधा मुहैया कराने ट्रस्ट बनाने की जरूरत : अनिल पुसदकर
  •  बीमारी के लिए खराब रूटीन जिम्मेदार, अपना और साथियों का ख्याल रखें : जिनेश जैन
रायपुर। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि से पढ़ाई करने वाले पत्रकार सुदीप सिन्हा की याद में रायपुर के प्रेसक्लब में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर पत्रिका छत्तीसगढ़ के स्टेट एडिटर श्री जिनेश जैन और प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल पुसदकर विशेष तौर पर मौजूद थे।

इस मौके पर पत्रिका में सुदीप के सहकर्मी रहे मिथिलेश मिश्र, अभिषेक राय, संतराम साहू, दयानंद यादव, सुनील नायक, जितेंद्र दहिया, विजय देवांगन ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा आईबीसी-24 से राजीव कुमार, प्रज्ञा प्रसाद, दैनिक भास्कर से रामकृष्ण डोंगरे, पंकज साव, पुष्पम कुमार, शेखर झा समेत पत्रकार साथी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन रामकृष्ण डोंगरे ने किया।

रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष पुसदकर ने कहा कि बीमारी के चलते युवा पत्रकार सुदीप सिन्हा की असामयिक मौत काफी दुखद है। हमें पत्रकारों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ट्रस्ट बनाने की पहल करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम पत्रकार पूरे समाज का ख्याल रखते हैं। उनके मुद्दे उठाते हैं मगर खुद अपना या अपने साथियों की खबर नहीं रखते। आखिर में हमें उनकी अर्थी उठाने जैसी नौबत आ जाती है। हमें मिलजुल रहना चाहिए। एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए।

पत्रिका ने स्टेट एडिटर जिनेश जैन ने सुदीप के जज्बे और लगन को याद करते हुए बताया कि एक बार उन्होंने उससे कहा था कि तुम जहां-जहां जाओगे, मैं वहां-वहां तुम को मिलूंगा। इसके पीछे वजह यह थी कि पत्रिका के जयपुर, भोपाल और रायपुर में सुदीप उनके साथ काम करते रहा।

वे सुदीप सिन्हा की मौत जैसी घटनाओं के लिए पत्रकारों के अनियमित रूटीन को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कई बातें शेयर की। बताया कि किस तरह से सुदीप समर्पण के साथ काम करता था। सब मुद्दों पर डिस्कस करता था, गाइडेंस मांगता था। सीनियर साथियों से चर्चा करता था। श्री जैन ने कहा कि सुदीप से उनका 9 साल पुराना परिचय था मगर उसने अपनी बीमारी के बारे में कभी खुलकर नहीं बताया था।

उन्होंने कहा कि जिस दिन सुदीप की मौत की खबर मिली वे गमगीन हो गए। वे कहते हैं कि पत्रकारों को अपने रूटीन का खास ख्याल रखना चाहिए। यानी हमेशा घर से ही खाना खाकर बाहर निकलना चाहिए। चाहे जो भी घर में बना हो। वर्ना बाहर जाने के बाद खाना मिलेगा, कब मिलेगा कुछ भी पक्का नहीं होता।





श्री जैन ने कहा कि सुदीप कभी अपनी बीमारी का बहाना बनाकर कामचोरी नहीं करता था। उसने जिद करके रायपुर पत्रिका में स्टेट ब्यूरो में रिपोर्टिंग करने की जिम्मेदारी मांगी। उसे पूरी तरह से निभाया भी। उन्होंने सुदीप के बारे में कई और बातें शेयर की।