Friday, May 23, 2008

आरुषि हत्याकांड


नोएडा [वरिष्ठ संवाददाता]। बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने अहम खुलासा करते हुए बताया कि इस हत्याकांड में आरुषि के पिता डा। राजेश तलवार ही मुख्य आरोपी है और उसने ही इस डबल मर्डर [आरुषि व घरेलू नौकर हेमराज की हत्या] को अंजाम दिया।


इससे पहले पुलिस ने डा। तलवार को आज सुबह ही गिरफ्तार किया। उधर, आरुषि की मां डा. नुपूर तलवार और डा. राजेश की महिला मित्र डा. अनीता दुर्रानी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। वहीं, पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार और हेमराज के मोबाइल को अब तक बरामद नहीं कर पाई है।


हालांकि आज की प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस इस दोहरे हत्या की स्पष्ट वजह नहीं बता पाई लेकिन डा। तलवार को गिरफ्तार करने के उपरांत कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाने का दावा किया है।


यद्यपि पुलिस की कहानी में कई ऐसे पेंच हैं जिनका जवाब पुलिस के पास अभी भी नहीं है। पुलिस के अनुसार डा। तलवार ने अपनी पुत्री आरुषि और नौकर हेमराज को आपत्तिजनक अवस्था में देखने के बाद दोनों को ठिकाने लगा दिया। समझाने के बहाने पहले वह हेमराज को छत पर लेकर गया, जहां उसकी हत्या कर दी। बाद में अपने कमरे में आकर शराब पी तथा फिर उसके बाद बेटी को मौत की नींद सुला दिया। वारदात में डाक्टर ने पहले हथौड़ीनुमा वस्तु से सिर पर वार किया, फिर किसी धारदार हथियार से दोनों के गले की नसें काट डाली थीं।

हालांकि पुलिस अभी वारदात में प्रयुक्त हथियार तथा मोबाइल फोन बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस का यह भी दावा है कि डा। राजेश तलवार के संबंध किसी अन्य महिला से थे जिसकी जानकारी आरुषि व हेमराज को थी।


उधर, अदालत में पेश करते समय डाक्टर राजेश तलवार ने पुलिस पर उसे झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। ज्ञात हो कि गत 15 मई की रात में सेक्टर-25 जलवायु विहार निवासी डाक्टर दंपति राजेश तलवार की पुत्री आरुषि [14] और उनके घरेलू नौकर हेमराज [45] की हत्या कर दी गई थी।
मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक गुरुदर्शन सिंह ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आरुषि के कत्ल की सूचना मिलने पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम को डा। राजेश तलवार ने खुद को काफी दुखी दिखाते हुए नौकर हेमराज को तत्काल गिरफ्तार करने को कहा। पुलिस टीम को मौके की सही ढंग से जांच भी नहीं करने दी गई। टीम ने जब उनसे छत पर लगे दरवाजे की चाबी मांगी तो उन्होंने कहा कि जांच बाद में कर लेना नहीं तो नौकर फरार हो जाएगा।


घटना के अगले दिन 17 मई को जब पुलिस ने छत से हेमराज का शव बरामद किया तो यह बात सामने आई कि उसकी हत्या भी उसी तरह की गई थी जिस तरह आरुषि को मारा गया था।
पुलिस महानिरीक्षक के अनुसार दोनों की हत्या एक ही रात में कुछ अंतराल पर हुई। हत्यारे ने दोनों के सिर पर हथौड़ीनुमा वस्तु से वार किया था तथा बाद में किसी धारदार हथियार से उनके गले की नसें काट दी थीं।


गौरतलब है कि इस दोहरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए नोएडा पुलिस के साथ एसटीएफ को भी काम पर लगाया गया। पुलिस की टीमों ने कई बिंदुओं से मामले की जांच की। लेकिन हर बार शक की सुई घर में मौजूद सदस्यों के इर्द गिर्द ही घूमकर रह जाती थी। आरुषि के घर में काम कर चुके नौकरों, उसके दोस्तों व हेमराज के परिजनों आदि से भी लंबी पूछताछ की गई। तब इस बात का पता चला कि आरुषि के पिता डा। राजेश तलवार के किसी महिला से अवैध संबंध थे। इसका जिक्र हेमराज ने अपने दोस्तों से करते हुए अपनी जान का भी डाक्टर से खतरा जताया था।


इसके आधार पर पुलिस ने डा। तलवार और उनकी पत्‍‌नी नुपुर तलवार से कई राउंड पूछताछ की। इस दौरान कई ऐसी बातें सामने आई, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। मसलन घर में दो लोगों की हत्याएं हों और घर में सोए हुए लोगों को पता नहीं चला? दूसरा राजेश तलवार के मोबाइल फोन कॉल की जांच में पता चला कि वह 15 मई की रात्रि में करीब 12 बजे तक अपने किसी परिचित से बात कर रहे थे। इससे साफ था कि वह घटना के समय गहरी नींद में नहीं थे। इस आधार पर संदेह पुख्ता हुआ और पुलिस ने शुक्रवार सुबह डा. राजेश को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी डाक्टर को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उनके रिमांड की तैयारी कर रही है।


पुलिस महानिरीक्षक गुरुदर्शन सिंह ने कत्ल की वजह बताते हुए कहा कि डा। राजेश तलवार ने देर रात अपनी बेटी के कमरे का दरवाजा खुला होने पर अंदर झांका तो उन्हें नौकर हेमराज तथा बेटी आरुषि आपत्तिजनक अवस्था में मिले पर वह यौन संबंध नहीं बना रहे थे। इससे वह गुस्से में आ गए। नौकर को समझाने के बहाने उन्होंने छत पर भेजकर आरुषि को उसके कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डा. राजेश हथौड़ीनुमा वस्तु तथा एक धारदार हथियार लेकर छत पर गए जहां पर उन्होंने पहले हेमराज के सिर पर वार किया तथा बाद में उसके गले की नसें काट दी। इसके बाद डाक्टर घर में नीचे आए और कमरे में जाकर शराब पी। फिर वह आरुषि के कमरे में पहुंचे तथा नौकर की ही तरह उसका भी कत्ल कर दिया।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार डा। राजेश के एक अन्य महिला के साथ में अवैध संबंध थे, जिसका पता आरुषि को चल गया था। इसका जिक्र उसने घर के नौकर हेमराज से भी किया था। तभी से नौकर व आरुषि एक दूसरे के करीब आ गए थे। इसके अलावा डा. राजेश इस बात से भी गुस्से में थे कि हेमराज उनके अवैध संबंधों की बात बाहर भी बता चुका था। इस बात से भी डा. राजेश अपने नौकर से नाराज चल रहा था। नौकर के कत्ल के बाद डाक्टर ने हेमराज के शव को छत पर रखे कूलर के ढक्कन से ढकने के बाद छत के गेट पर ताला जड़ दिया था। उसका इरादा आरुषि के कत्ल का आरोप हेमराज पर लगाकर उसके शव को भी गायब कर देना था, लेकिन मौके पर मीडिया व पुलिस की मौजूदगी के चलते वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस अभी वारदात में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह और बात है कि पुलिस के हाथ अभी तक दोनों हत्याओं में प्रयुक्त हथियार, खून से सने हुए कपड़े तथा मोबाइल फोन नहीं लगे हैं।


उधर, अदालत में पेशी के लिए जाते हुए डा. राजेश तलवार ने स्वयं को बेकसूर बताते हुए पुलिस पर उसे फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि डाक्टर को रिमांड पर लेने के बाद मामले से जुड़ी कई अन्य कड़ियों से भी पर्दा उठ सकेगा।
उधर, बेटी व नौकर की हत्या करने के आरोपी डा। राजेश तलवार को फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन ने विजिटिंग कंसलटेंट के पद से हटा दिया है। दंत रोग विशेषज्ञ राजेश तलवार के दिल्ली समेत कई क्लीनिक व अस्पताल में दांत संबंधी रोगियों की जांच करते थे।


डा. तलवार के खिलाफ ऐसे मिले सुराग

1. हत्या के बाद डा. तलवार ने पुलिस को सूचित करने की बजाय पड़ोसियों को बुलाया।
2.15 मई को कत्ल रात में 12 से दो बजे के बीच हुआ। इस रात डा. तलवार 12 बजे तक लोगों से फोन पर बात करता रहा। अगर कातिल बाहर से आता तो इसकी भनक उसको लगती।
3. घर में आने को तीन दरवाजे पार करने पड़ते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले हत्यारा जोर-जबरदस्ती किए बिना घर में नहीं घुस सकता था। इससे पुलिस को लगा कि हत्यारा घर में ही मौजूद था।
4. नौकर हेमराज व आरुषि की हत्या एक ही दिन हुई पर शव दो दिन बाद छत पर मिला। हत्या के बाद शव को कूलर के ढक्कन से ढका गया, जिससे शव को कड़ी धूप में सड़ने से बचाया जा सके। इससे लगा कि यह सोची समझी रणनीति है।
5. आरुषि की हत्या के बाद खून से सना गद्दा पड़ोसी की छत पर रखा गया। इससे साफ हो गया कि कातिल अगर बाहर का था तो वह हत्या के अगले दिन घर में घुसकर गद्दे को छत पर कैसे ले गया।
6। पुलिस ने डा. तलवार व उसके वकील के बीच हुई बातों को टेप किया। बातचीत में पुलिस को कुछ अहम बातों का पता लगा।

डाक्टर की करतूत से पड़ोसी स्तब्ध

आरुषि हत्याकांड में पिता के हाथ होने की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। आरुषि व हेमराज की हत्या डा। राजेश तलवार ने ही की थी, लोग इस पर यकीन भी नहीं कर पा रहे। जैसे ही पुलिस ने आरुषि व नौकर हेमराज की हत्या में डा. तलवार की संलिप्तता की बात कही, सभी भौचक्के रहे गए। सच्चाई सामने आते ही लोगों की भीड़ सेक्टर-25 स्थित डा. तलवार के घर पर पहुंचना शुरू हो गई। उसी सेक्टर में रहने वाले सुबोध सूद ने बताया कि डाक्टर द्वारा अपनी बेटी की हत्या करना आश्चर्यचकित करता है और वे इस घटना से स्तब्ध हैं।


वहीं उन्होंने बताया कि मैं भी अपनी बेटी के दांतों का इलाज कराने उनके पास ले गया था, लेकिन ज्यादातर समय उनकी क्लीनिक पर कोई महिला डाक्टर होती थी। ऐसे में उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी। सेक्टर-25 में रहने वाली 69 वर्षीय विभाप्रिया बताती है कि बाप द्वारा बेटी की हत्या करना मैं सपने भी नहीं सोच सकती। इसी सेक्टर के एसके ग्रोवर बताते हैं कि यहां एक डाक्टर बाप ने हैवानियत की कई हदें पार कर अपनी बेटी की हत्या कर दी। ऐसे कई सवाल लोगों के जेहन में अब भी कौंध रहे हैं कि एक पिता अपनी बेटी की हत्या कैसे कर सकता है?

आरुषि हत्याकांड एक नजर में

16 मई- नोएडा के जलवायु विहार में रहने वाले डा. राजेश तलवार की चौदह साल की बेटी आरुषि का शव सुबह कमरे से बरामद, गले पर तेज धारदार वाले चाकू से वार करके हत्या की गई, वारदात का शक घर से लापता नौकर हेमराज पर। नौकर की तलाश में पुलिस टीम नेपाल के लिए रवाना।
17 मई- घटना के तीस घंटे बाद डा. राजेश और नुपुर तलवार के फ्लैट की छत से नौकर हेमराज का शव बरामद, उसकी हत्या भी गले पर तेज धार वाले हथियार से की गई।
-दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा कि आरुषि व हेमराज का कत्ल 15 मई को हुआ।
-जिस गद्दे पर आरुषि का शव पड़ा था, वह गद्दा घर की बजाय छत पर मिला।
-मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई।
-एसपी सिटी व सेक्टर बीस के थाना प्रभारी का तबादला।
18 मई-एसटीएफ ने आरुषि के परिजनों से पूछताछ की।
-पुलिस ने वारदात के समय आरुषि के बेड पर बिछा गद्दा जांच के लिए कब्जे में लिया।
-19 मई-पुलिस ने हत्याकांड में महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया, एसएसपी सतीश गणेश ने दो दिन में मामले से पर्दा हटाने की बात कही।
-डाक्टर परिवार के पूर्व नौकर विष्णु समेत कई लोगों से पूछताछ।
-डाक्टर परिवार भी शक के घेरे में।
20 मई- प्रदेश के डीजीपी का बयान, जल्द होगा मामले का खुलासा।
- घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए एनसीआर में छापे।
- पांच दिन बाद पुलिस को याद आई डाक्टर राजेश के गैराज की तलाशी।
21 मई- आरुषि के पिता का मीडिया में बयान, हत्या के विषय में कुछ नहीं पता।
-पुलिस का बयान, जल्द होगा खुलासा।
-दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंची।
22 मई -पहली बार एसएसपी ने मीडिया के सवालों के जवाब देने को प्रेसवार्ता की।
-बिसरा व फोरेंसिक रिपोर्ट के लिए एसएसपी ने आगरा संपर्क किया।
-पुलिस ने ऑनर किलिंग की थ्योरी पर जांच शुरू की।
-आरुषि के दोस्त अनमोल से भी पूछताछ।
23 मई - पुलिस ने आरुषि की हत्या के आरोप में उसी के पिता डा. राजेश तलवार को गिरफ्तार किया।
-अदालत ने डा. तलवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।


http://in.jagran.yahoo.com/news/national/crime/5_18_4474651.html

1 comment:

sunil said...

crime capital (dehli)