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Tuesday, February 12, 2008

जब मैं तुमसे प्यार करता हूँ


जब मैं तुमसे प्यार करता हूँ

हर साँस पे जीता हूँ हर साँस पे मरता हूँ.
जब मैं तुमसे प्यार करता हूँ

मेरा तुमसे प्यार करना
जीना तो नहीं
क्योंकि
इस प्यार करने में
मुझे हर रोज थोड़ा-२
मरना पड़ता है.

मगर हां
मेरा तुमसे प्यार करना
मरना ही तो है
क्योंकि
इस प्यार करने में
मुझे हर रोज थोड़ा-२
मरना पड़ता हैं.

मेरा तुमसे प्यार करना
या
यों कहिये
तुम पे मरना
क्या वास्तव में मरना हैं ?

यदि हाँ, तो
क्या ये सही है ?
क्योंकि
अगर मैं तुमसे प्यार करने में
हर रोज थोड़ा-2
मरता हूँ, तो
ये तय है कि
मैं एक दिन मरूँगा.
जरूर मरूँगा !

तो सोचो मैं तुम्हारे लिए
क्या, कुछ कर पाऊंगा ?

मैं तुम्हारे लिए कुछ करना चाहता हूँ.
तो फ़िर
मैं क्यों मरना चाहता हूँ ?
मुझे जीना होगा.


मुझे कुछ करना होगा
तुम्हारे लिए.

जब मैं तुमसे प्यार करता हूँ.



तृष्णा तंसरी

छिन्द्वारा/ १५ मई, २००४