Friday, July 25, 2008

एक बाबा का कुबूलनामा

coming soon post ...
डायरी पर अगली स्पेशल पोस्ट

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भगवान् से बड़े हुए भक्त...
एक बाबा का कुबूलनामा

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आप यकीन किजीये यहीं सच है ...
हम बताएँगे आपको ,
हमारी अगली पोस्ट में...
आप डायरी ... के साथ बनें रहिये ...
कहीं छुट ना जाए आप ...
एक बाबा के कुबूल नामा को देखने से ....

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भगवान् नहीं अब भक्तों की कृपा पर जीते है बाबा
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बाबा बोलें,
सब भक्तों की कृपा है ...
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एक बाबा का कुबूलनामा
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मतलब आज का सच्चा बाबानामा
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बाबा रे बाबा ... बाबा रे बाबा------
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बदल रहा है बाबागिरी का अंदाज़ ...
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लाखों की चमचमाती कार में
सवार है बाबा -----
और कहते है ...
सब भक्तों की कृपा है ...
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बाबा के पहले क्या होता था जग्गू के साथ
और बाबा के बाद क्या होता है जग्गू के साथ ..
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बाबा पहले दादा थे,
तब क्या होता था

जग्गू दादा हाथ उठा कर , हाथ तोड़कर हजारों पैसा ' कमाते ' थे ...
पुलिस से भागे -भागे फिरते थे ...
दोपहिया गाड़ी पे घूमते थे ....

और जब ...

जग्गू दादा बाबा हो गए ...
हाथ झुकाकर हाथ जोड़कर लाखों कमाते ... करोड़ों कमाते है ...
पुलिस क्या करोड़पति आदमी भी भाग - भाग कर
उनके पास आते है

और वे चमचमाती चारपहिया गाड़ी में घूमते है ...
और कहते है ...

सब भक्तों की कृपा है ...

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तो जरूर देखिये
एक बाबा का कुबूलनामा
डायरी की स्पेशल पोस्ट
भगवान् से बड़े हुए भक्त

3 comments:

बाल किशन said...

हँसी तो आ रही है पर बहुत कुछ समझ नहीं आ रहा है.

राज भाटिय़ा said...

जय हो बाबा जी की,दादा से बाबा भले .
धन्यवाद डोंगरे जी,बाबा की पोल खोलते हो,

Udan Tashtari said...

इन्तजार लग गया है