
शायद ही कोई ऐसा हो जिसको ना आती हो ... घर की याद
चंद दिनों बाद में घर जा रहा हूँ.
चंद दिनों बाद में घर जा रहा हूँ.
मेरे लिए ... अब दुनिया कितनी बड़ी हो गई है ...
... कहाँ तो बचपन में 25 किलो मीटर दूर का पता नहीं था
अब मैं हजार किलो मीटर से ज्यादा दूरी पर रह रहा हूँ ...
मुझको अब ... हजारों- हजार मील की दुनिया भी पता है ...
दिल्ली से भोपाल ... भोपाल से नागपुर ...
नागपुर से तन्सरामल ( उमरानाला ) ...
नागपुर में दोस्तों से मुलाकात ...उसके बाद घर ...