Showing posts with label मेरा अनुभव. Show all posts
Showing posts with label मेरा अनुभव. Show all posts

Thursday, February 15, 2018

प्यारे प्यारे कुत्ते के पिल्लों को देखकर हम ठहर गए...







करीब आधा दर्जन छोटे छोटे पिल्ले रायपुर के शहीद स्मारक चौक पर हमें मिले। जो हमारे साथ अचानक घुल मिल गए। शहर में कुछ दिनों पहले कुत्तों के हमले से एक बच्ची की जान चली गई थीं। मगर पागल कुत्तों से आप डर सकते है। उनसे नफरत कर सकते हैं। लेकिन इन प्यारे-प्यारे, छोटे-छोटे पिल्लों से कैसी नफरत। कैसा गुस्सा।

कुछ साल पहले छोटे-छोटे पिल्लों को करीब से देखने का मौका मिला था। अपने गांव में, घर पर। उसके बाद ये दुबारा मौका मिला

मुझे कुत्तों से कभी डर नहीं लगता। मेरा दावा है कि कोई भी कुत्ता मुझे काट नहीं सकता। जब तक कि कुत्ता पागल न हो। कुत्ते को रात में या दिन में हेंडल करने का एक तरीका होता है। अगर आप प्यार से पेश आओगे तो कुत्ते कुछ नहीं करेंगे। अगर रात में कुत्ते या उनका झुंड आपकी तरफ दौड़े तो भागने की जरूरत नहीं है। रुक जाइए। उनसे बात कीजिए वे खुद शांत होकर लौटे जाएंगे। वर्ना आपके पीछे दौड़ते ही रहेंगे। हो सकता है कि काट भी लें।