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Tuesday, August 27, 2024

नईदुनिया में दूसरी पारी : इनपुट एडिटर की जिम्मेदारी, चुनाव में ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर विशेष खबरों का प्रकाशन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 9 वर्षों तक मैंने सफलतापूर्वक दैनिक भास्कर में काम किया. 1 अप्रैल 2022 से मुझे दैनिक जागरण समूह के नईदुनिया समाचार पत्र में इनपुट एडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई। 
यहां रायपुर यूनिट के 19 जिलों के ब्यूरो प्रभारियों, जिला प्रतिनिधि और संवाद सूत्र साथियों के साथ इनपुट के लिए समन्वय बनाने का दायित्व मुझे सौंपा गया। 
यहां मुझे रायपुर यूनिट के बस्तर संभाग, रायपुर और दुर्ग संभाग के उन सभी जिलों की वे खबरें, जो नेशनल स्तर पर प्रकाशित हो सकती है, उन्हें तैयार करना होता था।

जागरण विशेष, नईदुनिया विशेष कैटेगरी में कई खबरें हमारे यूनिट से प्रकाशित हुई. 
इसके साथ ही विधानसभा चुनाव 2023 और इस लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ चुनाव डेस्क पर काम करते हुए हमने अलग-अलग सेगमेंट की खबरें तैयार करवाई.

इसके साथ ही हमने बस्तर संभाग में दोनों चुनाव के दौरान ग्राउंड रिपोर्ट की। साथ ही वहां से विशेष स्टोरी भी निकाली गई। चुनाव के दौरान विश्लेषणात्मक समाचार भी प्रकाशित किए गए। कई खबरें चर्चित रही, जो यहां दी जा रही है। 

Sunday, December 11, 2022

Naidunia Raipur : नईदुनिया, नवदुनिया और जागरण के देशभर के संस्करणों में प्रकाशित - मेरा हौसला बड़ा है... स्टोरी

लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक जागरण, नईदुनिया, नवदुनिया के देशभर में प्रकाशित संस्करणों में आज मेरी स्टोरी 'मेरा हौसला बड़ा है'... प्रकाशित हुई है।

#firststoryinDainikJagran #FirststoryNaidunia

अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस विशेष इस स्टोरी में मैंने देशभर की महिला पर्वतारोहियों से बात की है। इनमें हरियाणा की आदरणीय संतोष यादव, झारखंड की प्रेमलता अग्रवाल, उत्तर प्रदेश की अरुणिमा सिन्हा, मध्यप्रदेश की बेटियों मेघा परमार, भावना डेहरिया (छिंदवाड़ा), हरियाणा की शिवांगी पाठक, छत्तीसगढ़ की अंकिता गुप्ता शामिल है।

सभी से बात करके अहसास हुआ कि पुरुषों के लिए माने जाने वाले इस फील्ड में महिलाओं ने किस तरह अपना वर्चस्व कायम किया है। अपनी पहचान बनाने के लिए लालायित महिलाओं में ऐसा जुनून होता है, जो पर्वत को भी डिगा देता है। किसी ने 16 साल की उम्र में, किसी ने 48 साल की उम्र में तो किसी ने एक पैर नहीं होने के बावजूद दुनिया की ऊंची ऊंची चोटियों पर देश का तिरंगा लहराया है। 

कहते है ना कि... 
मंजिलें क्या है, रास्ता क्या है, 
हौसला हो तो फासला क्या है...
(आलोक श्रीवास्तव जी का शेर) 

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