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Monday, November 13, 2017

आप मेरे बहुत ही प्यारे और नेकदिल दोस्त हो...

मेरी प्यारी सी दुनिया में परिवार के अलावा बहुत ही प्यारे और नेकदिल यार- दोस्त, शुभचिंतक और मार्गदर्शक शामिल हैं।

मुझे आप सभी से जुड़कर, मिलकर और आपके विचारों को पढ़कर बहुत अच्छा लगता है। कुछ मामलों में हमारे विचार अलग भी वो सकते हैं। मगर इसके चलते दिलों का रिश्ता कभी बिगड़ता नहीं।

इसके लिए आप सभी का शुक्रिया। धन्यवाद।

मैं सभी से एक ही बात कहना चाहता।
मेरे ही शब्दों में -

एक बस 'तुमसे' दोस्ती हो जाए,
फिर चाहे जमाने से दुश्मनी हो जाए।

©® *रामकृष्ण डोंगरे 'तृष्णा' तंसरी*

#डोंगरे_की_बात