आज मैं भइया (Ramkrishna Dongre) के ऑफिस (Amar Ujala Newspaper Office Noida Sec 59) में 2 बजे रात तक बैठा हूँ . यहां पेपर कैसे छपता ये देखने के लिए में आया था .पर बाकी ऑफिस देखने में भी काफी मजा आया .ऑफिस एकदम शानदार बहुमंजिला इमारत है .जिसमें कई सारे कमरे है साथ ही यह पर एक बड़ा सा रिसेप्शन रूम और एक बड़ा सा रेस्टोरेंट की तरह भोजन कक्ष है. यही पर नीचे में सारी मशीनें है जो कि काफी बड़ी है। इनमें पेपर छपते देखना मेरे लिए काफी रोमांचकारी अनुभव था।
कहते है ये सभी लगभग 4 से 5 लाख कीमत की है। इनमें टेलीफोन के वायर रोल की तरह ही पेपर रोल लगते है जोकि 150 किलो के होते है और लगभग 15 किलोमीटर लंबे है. मशीन में ये पूरा रोल फंसाया जाता है। पेपर पहले मेटल प्लेट में छपता है फिर उसकी कॉपी पेपर में आती है। इनका ऑफिस किसी फिल्मी ऑफिस की तरह ही दिखता है जो आकर्षक है इसमें हर किसी की अलग डेस्क है और हर डेस्क पर एक कंप्यूटर रखा होता है। साथ ही जैसा कि मेरा अंदाज था कि यह एयर कंडिशनर की ठंडी ताजी हवा आती है, जिसके कारण हमारे भइयाजी दिन बा दिन गोरे होते और निखरते जा रहे है ।
(तस्वीर इंडिया गेट के पास।)
और क्या कहूँ... यहाँ के स्टाफ वैसे तो मुझे ठीक ही लगा. और हाँ, छत से नजारें और आसमान काफी साफ नजर आता हैं। मुझे तो ये जगह काफी अच्छी लगी। ये बिल्डिंग काफी आधुनिक और कई अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। यह पर टीवी भी है। कुल मिलाकर अनुभव काफी मजेदार और रोमांचकारी रहा।
📝 अखिलेश पवार की कलम से